खंडेलवाल समाज का प्रतीकखंडेलवाल युवा मंचरायपुर, छत्तीसगढ़

खंडेलवाल युवा मंच, रायपुर · वार्षिक झलकियाँ

सेवा, संस्कार और
साथ की यात्रा।

वर्ष २०२६ के वे यादगार पड़ाव, जहाँ समाज साथ आया, प्रतिभाओं को सम्मान मिला और रिश्ते और भी गहरे हुए।

गतिविधियों की यात्रा देखें
स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में समाज की सहभागिता
गरबा उत्सव की यादेंयुवा पिकनिक के यादगार पल
२०२६एक साथ, आगे
सेवा एवं सहयोगसंस्कृति एवं परंपराशिक्षा एवं सम्मानयुवा एवं एकता

बसंत पंचमी/ पड़ाव ०१

संस्कृति

बसंत पंचमी उत्सव

बसंत पंचमी का पर्व समाज के सभी सदस्यों के साथ हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनाया गया।

परंपराओं से जुड़ाव, अपनों के साथ उत्सव

२७ मार्च २०२६/ पड़ाव ०२

श्रद्धा एवं परंपरा

संत श्री सुंदरदास जी की ४३०वीं जयंती

२७ मार्च २०२६ को संत श्री सुंदरदास जी की ४३०वीं जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई।

१२ अप्रैल २०२६/ पड़ाव ०३

सेवा

वृद्धाश्रम सेवा

कोटा स्थित वृद्धाश्रम में छाछ एवं फल का वितरण किया गया।

साथ ही हमारे संरक्षक श्री नवीन पाटोदिया जी का जन्मदिन भी वृद्धजनों के साथ मनाया गया। फल वितरण भाई अमित बढ़ाया जी के सहयोग से किया गया।

१९ अप्रैल २०२६/ पड़ाव ०४

शिक्षा एवं सम्मान

शैक्षणिक प्रतिभाओं का सम्मान

सीबीएसई कक्षा १०वीं में ९०% एवं उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले स्वजातीय विद्यार्थियों को उनके निवास पर जाकर सम्मानित किया गया।

शैक्षणिक उत्कृष्टता का सम्मान

१७ मई २०२६/ पड़ाव ०५

शिक्षा एवं सम्मान

सीबीएसई एवं आईसीएसई प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान

कक्षा १०वीं एवं १२वीं में सीबीएसई एवं आईसीएसई में ९०% एवं उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले स्वजातीय विद्यार्थियों को उनके निवास पर जाकर सम्मानित किया गया।

इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करना तथा समाज में शिक्षा एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाना रहा।

विद्यार्थियों का उत्साह, समाज का गौरव

१५ अगस्त २०२६/ पड़ाव ०६

राष्ट्रोत्सव एवं संवाद

स्वतंत्रता दिवस एवं ‘सुदृढ़ मन, सफल जीवन’

स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर समाज के प्रतिभाशाली बच्चों को पुरस्कार प्रदान किए गए।

साथ ही ‘सुदृढ़ मन, सफल जीवन’ विषय पर विशेष संवादात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों, युवाओं एवं अभिभावकों के लिए उपयोगी संवाद एवं मार्गदर्शन हुआ।

२३ अगस्त २०२६/ पड़ाव ०७

युवा सहभागिता

युवा पिकनिक एवं भ्रमण

युवा सदस्यों द्वारा पिकनिक का आयोजन किया गया। इस दौरान जतमई माता मंदिर के दर्शन एवं घटारानी वाटरफॉल का आनंद लिया गया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं के बीच आपसी मेल-जोल, मित्रता एवं सामाजिक जुड़ाव को बढ़ाना रहा।

वर्ष २०२६/ पड़ाव ०८

व्यावसायिक एवं सामाजिक जुड़ाव

छत्तीसगढ़ बिज़नेस मीट

छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों के स्वजातीय बंधुओं के बीच व्यावसायिक एवं सामाजिक नेटवर्किंग की पहल।

वर्ष २०२६/ पड़ाव ०९

सांस्कृतिक उत्सव

गरबा उत्सव

गरबा २०२६ की झलकियाँ — समाज की सांस्कृतिक परंपराओं और सहभागिता की यादें।

वर्षभर/ पड़ाव १०

आत्मीय संपर्क

सदस्यों के जन्मदिन पर व्यक्तिगत संपर्क

पूरे वर्ष के दौरान लगभग २६ स्वजातीय सदस्यों के घर अथवा कार्यालय जाकर उनके जन्मदिवस पर शुभकामनाएँ एवं बधाई दी गई।

इस पहल के माध्यम से सदस्यों के साथ व्यक्तिगत एवं आत्मीय संबंधों को मजबूत करने का प्रयास किया गया।

लगभग २६ सदस्यों तक आत्मीय शुभकामनाएँ

साझे प्रयास, सार्थक उपलब्धियाँ

समग्र कार्य एवं उपलब्धियाँ

इस कार्यकाल में खंडेलवाल युवा मंच, रायपुर ने सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, सेवा एवं युवा गतिविधियों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने का प्रयास किया।

मुख्य उपलब्धियाँ

  • समाज में एकता एवं आपसी समन्वय को बढ़ावा।
  • युवाओं की सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता।
  • विद्यार्थियों को शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए प्रोत्साहन एवं सम्मान।
  • वृद्धजनों एवं जरूरतमंदों के प्रति सेवा भावना।
  • छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों के स्वजातीय बंधुओं के बीच व्यावसायिक एवं सामाजिक नेटवर्किंग।
  • समाज के सदस्यों के साथ व्यक्तिगत संपर्क एवं सहभागिता को बढ़ावा।
  • धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने का प्रयास।

आप सभी का हृदय से आभार।

इन सभी कार्यक्रमों की सफलता में समाज के वरिष्ठजनों, युवा सदस्यों, सहयोगकर्ताओं एवं समस्त स्वजातीय बंधुओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। खंडेलवाल युवा मंच, रायपुर सभी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता है।

खंडेलवाल युवा मंच, रायपुर के समस्त सम्माननीय कार्यकर्ता गण, जिन्होंने वर्षभर विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, शैक्षणिक एवं सेवा गतिविधियों में अपना अमूल्य समय, सहयोग एवं योगदान दिया, उनका हृदय से आभार एवं अभिनंदन।

आप सभी के सहयोग से ही मंच की गतिविधियाँ सफल एवं सार्थक हो सकीं।